हेमा भण्डारी / मीडिया हाउस ब्यूरो

हरिद्वार। ​दीपावली पर खूब पटाखें चलेंगे तो सांस से खतरनाक प्रदूषण भी शरीर में जायेगा। फिर मिठाई न

हीं खायी तो त्यौहार का मजा कैसा। लेकिन मिठाई है तो मिलावट भी खूब होगी। लेकिन योगचार्य रजनीश से जानिए योग के टिप्स और खूब खाइये और दीपावली को यादगार बनाइये। वे बता रहे हैं कि दीवाली पर वायु प्रदूषण और मिलावट के प्रदूषण से बचना है तो योगाचार्य रजनीश जी के ये टिप्स जानिए और अपनाइये……..

योग एक सशक्त माध्यम है जो हमारे शरीर के विषैले पदार्थों को दूर करने में सहायक होता है। बस जरूरत है योग के इन टिप्स का पालन करने की। कोई मुश्किल नहीं है बस थोड़ा समय निकालिए और रहिए स्वस्थ… मनाइये मजेदार दीपावली।

स्कंद चालन: जिसमें कंधों को चलाने का अभ्यास किया जाता है। ये हमारे पेट को व्यवस्थित करता है। लीवर और पाचन क्रिया को ठीक करता है। जिससे शरीर से हानिकारक पदार्थ भी आराम से निकल जाते है।

सर्वांग आसन: ये है आसनों का राजा है। जिसमें लेटकर पैरों को उपर उठाकर एल शेप बनाते

दीवाली पर वायु प्रदूषण और मिलावट के प्रदूषण से बचना है तो योगाचार्य रजनीश जी के ये टिप्स जानिए और अपनाइये./mediahouse.news

हैं। इससे लाभ यह होता है कि शरीर पूरा एक्टिव हो जाता है। साथ ही पाचन और श्वांस क्रिया भी क्लीन करने में यह सहयोगी साबित होता है।

बाल मछलन: यानि साइक्लिंग के अभ्यास के द्वारा शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू हो जाता है। दोनों पैरों को उपर उठाकर साइकिल की तरह चलाते हैं। इससे पाचन प्रणाली ठीक होती है। विषाक्त भोजन पदार्थ को डायजेस्ट करने में यह भी बेहद उपयोगी है।

इसके ​अलावा शरीर की शुद्धि के लिए प्रणायाम विशेष महत्व रखता है। इसके अभ्यास से शरीर का शोधन हो जाता है। मुख्य रूप से
अनुलोम विलोम: इसमें सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इससे शरीर में शुद्ध प्राण वायु पहुंचती है। आक्सीजन की मात्रा पूर्ण रूप से पूरे शरीर के अंगो तक पहुंचती है। जिससे हमारे फेफड़ो को बल मिलता है। ब्लड सर्कुलेशन की पूर्ण रूप से प्राप्ति होती है।

कपालभाती: दूसरा प्राणायाम है जो हमारे शरीर के विषाक्त तत्वों को दूर करने में सहयोगी है।

तो ये हैं उपयोगी टिप्स जिन्हें दीपावली और उसके बाद भी अपना कर आप स्वस्थ जीवन का आनंद उठा सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here