सुनील कोठारी / मीडिया हाउस ब्यूरो

हरिद्वार। त्योहारों का मौसम आ गया है और दूसरे लोगों की तरह आपका मन भी कुछ खरीदारी करने का हो रहा होगा। इस साल जुलाई से गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से लागू होने के कारण इस बार त्योहारों के मौसम में आपकी खरीदारी का अहसास अलग हो सकता है। जीएसटी का धमाका आपकी जेब पर कितना असर डालेगा, हम आपको यह बतायेंगे।

जी हां, आपको खर्च और बचत दोनों में बदलाव देखने को मिल सकता है। जीएसटी लागू होने के बाद से चार स्तर में 5 फीसदी, 12 फीसदी 18 फीसदी और 28 फीसदी टैक्स लग रहे हैं। इसके अलावा, कुछ टैक्स फ्री और एडिशनल सेस वाली श्रेणियां भी हैं। यहां हम इस बार त्योहारों के मौसम में आपकी खरीदारी पर जीएसटी के कारण पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बात करने जा रहे हैं।

फ्रीबीज और आॅफर
एक खरीदें और एक मुफ्त पाएं जैसे लोकप्रिय फ्रीबीज आॅफर पर असर पड़ सकता है। इस साल आपको इस तरह के ढेर सारे फ्रीबीज आॅफर (मुफ्त में मिलनेवाली चीजें) देखने को नहीं भी मिल सकते हैं क्योंकि दी जाने वाली वस्तुओं के कुल मूल्य पर जीएसटी लगेगा। शून्य कीमत वाली वस्तुओं पर रिटेलर, मैनुफैक्चरर को नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि वे मुफ्त में बेची गईं वस्तुओं पर इनपुट क्रेडिट का दावा नहीं कर पाएंगे और उन्हें इन वस्तुओं के कुल मूल्य पर लगने वाले टैक्स का बोझ खुद उठाना होगा।

आपके लिए ये है उदाहण
इस साल आपको वस्तुओं पर सीधा डिस्काउंट मिलेगा जो खरीदार एवं विक्रेता दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए आइटम ए पर 12 प्रतिशत की दर से टैक्स लग सकता है यदि उसकी कीमत 1,000 रुपये से अधिक है। लेकिन यदि उसकी कीमत 1,000 रुपये से कम है तो सिर्फ 5 फीसदी टैक्स ही लगेगा।

इसलिए रिटेलर, मैन्युफैक्चरर अपने सामान की कीमत 1,000 रुपए से कम रखने की कोशिश करेंगे और इस तरह होने वाली 7 फीसदी टैक्स की बचत का फायदा ग्राहकों को देने की कोशिश करेंगे। कपड़े, जूते, पैकेटवाली खाने-पीने की चीजें आदि खरीदते समय आपको इस तरह का फायदा देखने को मिल सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक आइटम
एलसीडी, फ्रिज, वैक्यूम क्लीनर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर लगनेवाले टैक्स में जीएसटी सिस्टम के कारण पिछले टैक्स सिस्टम की तुलना में लगभग 2-3 फीसदी की वृद्धि हुई है। लेकिन, जीएसटी के अंतर्गत डाउनस्ट्रीम को मिलनेवाले इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ के कारण इस बार त्योहारों के मौसम में इनकी कीमत थोड़ी नरम हो सकती है।

आॅनलाइन शॉपिंग
यदि आपको आॅनलाइन चीजें खरीदना पसंद है तो आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें याद रखनी चाहिए। यदि आप कपड़े खरीद रहे हैं तो उन कपड़ों पर ध्यान देने की कोशिश करें जिनकी कीमत एक हजार रुपए से कम है यानी जिस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है।

एक हजार रुपए से ज्यादा कीमतवाले कपड़ों पर 12 प्रतिशत टैक्स लगेगा जिससे आपको 7 प्रतिशत ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। इसी तरह, यदि आप जूते खरीदना चाहते हैं तो 500 रुपए से कम कीमत वाले जूते पर आपको कम टैक्स देना पड़ेगा।

बेहतर सेलर का चयन करे
यह देखना बहुत जरूरी है कि रिटेलर जीएसटी लगाकर सामान बेच रहा है या कीमत चुकाने के समय टैक्स जोड़ता है। इसलिए, जीएसटी युक्त कीमत वाले सामान दिखाने वाले पोर्टलों पर विचार करना बेहतर है। आॅनलाइन रिटेलर द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट के आधार पर सबसे अच्छे सेलर का चयन किया जा सकता है।

कार, प्रॉपर्टी या गोल्ड खरीद रहे हैं
धनतेरस और दिवाली के मौके पर लोग कार, प्रॉपर्टी और गोल्ड जैसी महंगी चीजें खरीदना पसंद करते हैं। शुरू-शुरू में कार पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगने के साथ-साथ उसके आकार, कीमत और क्षमता के आधार पर एक प्रतिशत, तीन प्रतिशत और 15 प्रतिशत उपकर लगता था।

जीएसटी के कारण कार की कीमतें कम हो गई थीं, खास तौर पर लग्जरी और एसयूवी कारों की। हाल ही में सरकार ने 25 प्रतिशत सेस लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे हाई ऐंड कारों की कीमत बढ़ जाएगी। कार की कीमत पर 10 प्रतिशत की बचत करने के लिए उसे अभी बुक कर लें।

घर की खरीद फायदे का सौदा
यदि आप इस बार त्योहारों के मौसम में प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो जीएसटी बचाने के लिए पहले से तैयार घर खरीदने पर विचार करें क्योंकि उन्हें जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। होम लोन पर पहले से ही लगभग 8 प्रतिशत का ब्याज लग रहा है और बैंक प्रोसेसिंग फीस से राहत भी दे रहे हैं, इसलिए इस बार त्योहारों के मौसम में आप एक घर खरीदने पर विचार कर सकते हैं।

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